नई दिल्ली, 29 अगस्त
शुक्रवार को आई एक रिपोर्ट के अनुसार, सिज़ोफ्रेनिया और अवसाद जैसी कुछ मानसिक स्वास्थ्य स्थितियाँ हृदय रोग और मृत्यु दर के जोखिम को लगभग 100 प्रतिशत तक बढ़ा सकती हैं।
द लैंसेट रीजनल हेल्थ-यूरोप पत्रिका में प्रकाशित यह रिपोर्ट अवसाद, चिंता, सिज़ोफ्रेनिया, द्विध्रुवी विकार और अभिघातजोत्तर तनाव विकार (PTSD) से पीड़ित लोगों में हृदय स्वास्थ्य संबंधी असमानताओं का सारांश प्रस्तुत करती है।
एमरी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने दिखाया है कि सिज़ोफ्रेनिया हृदय रोग (CVD) के जोखिम को लगभग 100 प्रतिशत तक बढ़ा देता है। इसके बाद प्रमुख अवसाद (72 प्रतिशत), PTSD (57 प्रतिशत), द्विध्रुवी विकार (61 प्रतिशत), आतंक विकार (50 प्रतिशत) और भयग्रस्त चिंता (70 प्रतिशत) का स्थान आता है।
शोध से यह भी पता चला है कि ये स्थितियाँ खराब रोग निदान, दोबारा भर्ती होने के ज़्यादा जोखिम और मौजूदा हृदय रोगों से होने वाली उच्च मृत्यु दर से जुड़ी हैं। उदाहरण के लिए, गंभीर अवसाद मौजूदा हृदय रोग (सीवीडी) से पीड़ित लोगों में मृत्यु दर को दोगुना से भी ज़्यादा कर देता है।