नई दिल्ली, 30 अगस्त
क्रिसिल के अनुसार, तमाम बाधाओं के बावजूद, भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) इस वित्त वर्ष में 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है, जिसमें अमेरिकी टैरिफ बढ़ोतरी के कारण गिरावट का जोखिम भी शामिल है।
इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के 7.4 प्रतिशत से बढ़कर 7.8 प्रतिशत हो गई।
क्रिसिल की प्रमुख अर्थशास्त्री दीप्ति देशपांडे ने कहा, "सेवा क्षेत्र के योगदान से आपूर्ति पक्ष में 7.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसमें सांख्यिकीय निम्न-आधार प्रभाव भी शामिल है। बढ़ती घरेलू मांग और उन्नत निर्यात शिपमेंट के बीच कम इनपुट लागत से विनिर्माण क्षेत्र को लाभ हुआ।"