मुंबई, 30 अगस्त
अमेरिकी टैरिफ संबंधी चिंताओं के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की निकासी के कारण जारी बिकवाली के दबाव के कारण बाजारों में शुरुआती आशावाद कम होने से इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई।
बेंचमार्क सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स 2.2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुए। धातु, आईटी, रियल्टी और ऑटो शेयरों में मुनाफावसूली देखी गई, जिनमें 0.5 प्रतिशत से 1.5 प्रतिशत तक की गिरावट आई।
इसके विपरीत, पूंजीगत वस्तुओं, टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं, मीडिया और एफएमसीजी शेयरों में 0.4 प्रतिशत से 1 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई। व्यापक बाजारों का प्रदर्शन कमजोर रहा, निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांकों में क्रमशः 0.57 प्रतिशत और 0.39 प्रतिशत की गिरावट आई।
प्रस्तावित जीएसटी युक्तिकरण, अनुकूल मानसून परिदृश्य, तथा अमेरिकी बांड प्राप्ति में कमी और सितम्बर में फेड की संभावित ब्याज दरों में कटौती जैसे वैश्विक कारकों के कारण इस सप्ताह बाजार सकारात्मक रूप से खुले।