नई दिल्ली, 30 अगस्त
एक अध्ययन में पाया गया है कि अति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों की थोड़ी सी मात्रा भी पुरुषों में वज़न बढ़ा सकती है, हार्मोन में गड़बड़ी पैदा कर सकती है और शुक्राणुओं की गुणवत्ता को कम कर सकती है।
वैज्ञानिकों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने अब पता लगाया है कि कम से कम प्रसंस्कृत आहार की तुलना में अति-प्रसंस्कृत आहार से लोगों का वज़न ज़्यादा बढ़ता है, भले ही वे समान कैलोरी खाते हों।
सेल मेटाबॉलिज़्म पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन में, मनुष्यों पर यह भी पता चला है कि अति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों से भरपूर आहार में प्रदूषकों का स्तर अधिक होता है जो शुक्राणुओं की गुणवत्ता को प्रभावित करने के लिए जाने जाते हैं।
कोपेनहेगन विश्वविद्यालय के एनएनएफ सेंटर फॉर बेसिक मेटाबोलिक रिसर्च (सीबीएमआर) की प्रमुख लेखिका जेसिका प्रेस्टन ने कहा, "हमारे परिणाम साबित करते हैं कि अति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ हमारे प्रजनन और चयापचय स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाते हैं, भले ही उन्हें ज़्यादा मात्रा में न खाया जाए। यह दर्शाता है कि इन खाद्य पदार्थों की प्रसंस्कृत प्रकृति ही उन्हें हानिकारक बनाती है।"